यहां श्राद्ध की एक ऐसी सामग्री वाली सूची दी जा रही है जिसके द्वारा किसी भी श्राद्ध में लगने वाले सामग्री की जानकारी प्राप्त की जा सकती है ।
वास्तव में इसे पिण्ड दान सामग्री सूची कहना उचित होगा। इस महत्वपूर्ण सूची का आधार यह है कि श्राद्ध का मुख्य अङ्ग ब्राह्मण भोजन व पिण्ड दान है। एक पिण्ड दान करने में जितने सामग्री लगते हैं 2 पिण्ड दान करने में उसका दोगुना लगेगा 3 पिण्ड दान करने में उसका तिगुना लगेगा। इस प्रकार यदि 14 मासिक श्राद्ध अर्थात 14 पिण्ड दान करना हो तो 14 गुना लगेगा। इस प्रकार यह श्राद्ध पिण्ड दान सामग्री सूची बनायी गयी है और और बहुत ही अधिक उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
महत्वपूर्ण पिण्ड दान सामग्री सूची
किसी भी श्राद्ध में मुख्य रूप से अर्चन और भोजन सामग्री लगता है जो इस प्रकार होता है :
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गङ्गाजल अथवा अन्य उपलब्ध पवित्र जल
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पिण्डवेदी बनाने के लिये बालू – लीटर वाले डिब्बे से 3 – 5 डिब्बा
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पञ्चगव्य
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केला – कटहल का पत्ता
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उजला फूल
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आग जलाने हेतु – कंडा/गोयठा
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आग जलाने के लिये – इलेक्ट्रिक लाइटर
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रक्षादीप – 1
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तिल/सरसों तेल – 100 – 250 ग्राम
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श्राद्ध कर्ता के लिये श्राद्ध काल व श्राद्धोपरांत धारण करने के लिये वस्त्रादि।
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श्राद्धकर्ता और ब्राह्मणों के लिये आसन
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कुशा
ऊपर दी गयी सामग्री को पिण्ड या श्राद्ध संख्या के आधार पर गुना नहीं किया जाता है, लेकिन एक से अधिक पिण्ड/श्राद्ध संख्या होने पर मात्रा में तदनुसार वृद्धि होती है।
नीचे दी गयी सामग्री 1 पिण्डदान/श्राद्ध के लिये होती है, यदि 6 पिण्डदान हो तो 6 गुना करें, 8 हो तो 8 गुना
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पाक निर्माण पात्र – 1 टोकना या मिट्टी को कोहा
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ढकनी – 1
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दीप – 1
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रुई बत्ती – 2
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धूप – 50 ग्राम
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गाय का घी – 25 ग्राम
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मधु – 25 ग्राम
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पिली सरसों – 1 पुड़िया
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उजला चन्दन – 1
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उजला कपड़ा – आधा मीटर
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कच्चा सूता – 1
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जौ – 1 पुड़िया
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तिल – 50 ग्राम
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अरबा चावल – 1 किलो
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दाल – 250 ग्राम
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उड़ीद का बेसन – 100 ग्राम
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केराव (मटर) – 100 ग्राम
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आलू – 250 ग्राम
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हरी सब्जी – 250 ग्राम
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कच्चा केला – 3
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ओल – 100 ग्राम
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पका केला – 3
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सेब, संतरा आदि फल – 1 – 1
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चूड़ा – 500 ग्राम
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दही – 500 ग्राम
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चीनी – 100 ग्राम
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मिठाई – 250 ग्राम
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पुरुष/स्त्री मृतक के अनुसार वस्त्र – 1 सेट
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मृतक पुरुष हो तो जनेऊ डाँरकडोर – 1 – 1
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मृतक स्त्री हो शृंगार सामग्री – 1
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थाली, कटोरी, लोटा, ग्लास, चम्मच – 1 – 1
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मखाना – 25 ग्राम
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पान – 2
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सुपारी – 2
वार्षिक श्राद्ध सामग्री
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वार्षिक श्राद्ध में 1 पिण्ड या श्राद्ध मृतक मात्र का होता है।
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अतः ऊपर “महत्वपूर्ण पिण्ड दान सामग्री सूची” में दी गयी सामग्री ही वार्षिक श्राद्ध सामग्री के लिये ग्राह्य है।
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परन्तु उत्सर्ग करने हेतु उत्सर्ग सामग्री में वृद्धि हो सकती है।
पार्वण श्राद्ध सामग्री
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पार्वण श्राद्ध में 3 से लेकर 12 तक पिण्ड संख्या और 2 विश्वेदेव श्राद्ध होते हैं।
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मुख्य रूप से 6 पिण्ड दान और 2 विश्वेदेव श्राद्ध होता है।
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अतः पार्वण श्राद्ध में 8 श्राद्ध मुख्य रूप से किया जाता है।
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इसलिये ऊपर दी गयी “महत्वपूर्ण पिण्ड दान सामग्री सूची” को 8 गुना किया जाना चाहये।
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लेकिन यदि 9 पिण्ड अर्थात नवदैवत्य श्राद्ध करना हो तो 9 + 2 = 11 गुना करे।
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इसी प्रकार यदि 12 पिण्ड दान अर्थात द्वादश दैवत्य श्राद्ध करना हो तो 12 + 2 = 14 गुना करे।
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इसके अतिरिक्त पाक पात्र 2 ही होते हैं।
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पिण्ड वेदी एक ही होता है।
पार्वण श्राद्ध सामग्री
एकादशाह श्राद्ध सामग्री
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एकादशाह श्राद्ध में एक पिण्ड दान किया जाता है अर्थात एक ही श्राद्ध होता है।
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इसलिये ऊपर दी गयी “महत्वपूर्ण पिण्ड दान सामग्री सूची” ही ग्राह्य है।
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एकादशाह के दिन बहुत सारी वस्तुयें दान की जाती है दान सामग्री आगे दिया गया है।
द्वादशाह श्राद्ध सामग्री
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द्वादशाह के दिन 14 अथवा अधिक मासिक होने पर 15 मासिक होता है। सपिण्डन में 1 विश्वेदेव, 3 पितर और 1 प्रेत का श्राद्ध होता है।
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इस प्रकार कुल 19 अथवा 11 महीने के भीतर अधिकमास होने पर 20 श्राद्ध होता है।
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इसलिये ऊपर दी गयी “महत्वपूर्ण पिण्ड दान सामग्री सूची” को 19 या 20 गुना किया जाना चाहये।
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सपिंडी श्राद्ध सामग्री : सपिण्डिकरण श्राद्ध भी द्वादशाह के दिन किया जाता है। सपिंडी करण के 5 श्राद्धों की गणना पूर्व में हो चुकी है फिर भी :
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सपिंडी श्राद्ध में पिण्डच्छेदन स्वर्ण अथवा रजत शलाका विशेष सामग्री है जो अन्य किसी श्राद्ध में प्रयोग नहीं होता है।
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इसके साथ ही सपिंडी श्राद्ध में एक श्राद्ध विश्वेदव का होता है, मृतक स्त्री हो तो भी विश्वेदेव के वस्त्र में धोती-गमछा आदि ही होगा।
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साथ ही सपिंडी हेतु 3 श्राद्ध पितरों का होता है, मृतक स्त्री यदि सधवा रहे तो उसके सपिंडी में पितमही आदि का त्रिकश्राद्ध होता है अतः उनके लिये उपरोक्त स्थिति में स्त्रीवस्त्र व सौभाग्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है।
षोडश श्राद्ध दान सामग्री
षोडश श्राद्ध का तात्पर्य एकादशाह और द्वादशाह दोनों दिन का श्राद्ध होता है इस प्रकार एकादशाह और द्वादशाह दोनों दिन जो-कुछ भी दान किया जाता है उसे षोडश श्राद्ध दान कहा जा सकता है। इसमें एकादशाह के दिन श्राद्ध स्थान में महापात्र को दान दिया जाता है एवं एकादशाह अथवा द्वादशाह के दिन पुरोहित को दान दिया जाता है। यहां उन सभी दान सामग्रियों की सूची दी गई है। प्रत्येक सामग्री महापात्र और पुरोहित दोनों को अलग-अलग दान होता है साथ ही गरुड़ पुराण कथावाचक को भी करना चाहिए।
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शय्या – दीवान, पलंग, चौकी, खाट सामर्थ्यानुसार।
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शय्या उपकरण – तोसक, तकिया, चादर, कम्बल, मसहरी, वस्त्र, ओढ़ना, रुमाल, खड़ांव, पनवट्टी, लोटा, ग्लास 1 सेट, प्लेट ढंकने के लिये, खराऊँ।
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गोदान अथवा गोमूल्य (सामर्थ्यानुसार)
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काञ्चन पुरुष – नारियल, ऋतुफल व वस्त्र सहित
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छाता
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जूता/चप्पल
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बड़ा और छोटा टोकना
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कटाही
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गमला
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परात/थार
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बाल्टी (रस्सी सहित)
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तमघैल या पीतल कलशी
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ताबा
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चौकला + बेलना
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सस्पेन, छन्ना, कप
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डब्बू + छोलनी
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हंसिया + चाकू
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चूल्हा (ईंधन सहित), लाइटर
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कांसा – थाली, कटोरी, लोटा, ग्लास, चम्मच
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जग
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लाइट
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पूजोपकरण – चंदन, चंडौटा, वेद, पुराण आदि धार्मिक ग्रंथ, वस्त्र, पंचपात्र, अर्घा, माला, फूलडाली, शंख, श्रृंगी, आसनी, पवित्री, घंटी, पञ्चमेवा
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रूई
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नमक
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लोहा की छूड़ी
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कुर्सी, टेबल, छड़ी, चश्मा
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मंजूषा – श्रृंगार सामग्री सहित
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सप्तधान्य
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चावल, दाल
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चूड़ा, मरहा
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आलू, हरी सब्जियां
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ऋतुफल
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दही, चीनी
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चायपत्ती
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आटा
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पंखा
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डाला
उपरोक्त सामग्रियों के अतिरिक्त सामर्थ्यवान के लिये अन्य विशेष सामग्री
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स्वर्णाभूषण
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वाहन (घोड़ा/हाथी/मोटरसाइकिल/कार)
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भूमि
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घर (फ्लैट)
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वृक्ष
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मोबाइल
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टेलीविजन
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लैपटॉप
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फ्रीज
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वॉशिंग मशीन
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AC